Masroof

बहुत मसरूफ रहते थे हवाओं पर हुकूमत थी तकब्बुर था कि ताकत थी बला की बादशाही थी कोई बेफिक्र बैठा था किसी के हाथ हुकूमत थी सभी मसरूफ थे ऐसे कि एक हस्ती भुला बैठे बहुत परवाज़ कर बैठे ख़ुदा नाराज़ कर बैठ